Sahitayik seva
Saturday, December 28, 2019
पथ प्रेम का
इक नजर ने आर्द्र नयन कर दिए,
प्रेम ने स्वार्थ सारे हवन कर दिए।
गोपी समझा गयीं जग को पथ प्रेम का,
उल्टे ऊधौ के सारे जतन कर दिए। ।
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