Saturday, December 28, 2019

जमाना भूल जाती हूँ।

अधर पल्लव पे रख तुझको मै हरदम मुस्कुराती हूँ,
जहाँ देखूँ तेरी तस्वीर निगाहें छोड़ आती हूँ।
यदि दूर हूँ तुझसे तुझे ढूँढू जमाने में  ,
 गर संग बैठूं फिर जमाना भूल जाती हूँ।। 

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